देश में विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों और तख्तापलट यानी रिजीम चेंज की बयानबाजी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध और छात्र आंदोलनों के बीच बांग्लादेश मॉडल की चर्चा शुरू हो गई है. वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा के बयानों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला है. बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर सड़कों के जरिए सत्ता बदलने की साजिश रच रहा है. दूसरी तरफ कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि लोकतंत्र में बदलाव केवल चुनाव और संविधान के माध्यम से ही होता है. बहस में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत में जनमत ही सरकार के गठन और बदलाव का असली आधार है. डिबेट में राजनीतिक विश्लेषकों और प्रवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए.
Read full story at original source
This is an automatically imported news preview with source name, image and original link for transparency.